श्री गणेशाय नमः या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण ' संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः जय माता दी 🙏🙏 आज मैं नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर आपको नवरात्रि इस वर्ष कितने दिन की है। घट स्थापना का मूहर्त कब है। एवं किस दिन कौन सी देवी को क्या भोग लगना चाहिए एवं हवन समाग्री, उनके महत्व बताने की कोशिश कर रही हूँ । 19, मार्च से वसन्त नवरात्रि आरम्भ हो रही है ध्वजा रोहण , कलश स्थापना प्रातः काल6.52 मिनट से लेकर प्रातः काल7.43 मिनट में है। उसके बाद दोपहर अभिजीत मुहूर्त 12.5 मिनट से लेकर दोपहर 12.53 मिनट पर है। इस नवरात्र में तिथियों को लेकर कोई संशय नहीं है। प्रायः देखा जाता है। की आमतोर पर दो तिथियां एक ही दिन पड़ती हैं। तो नवरात्र आठ दिन का ही होता है। यदि तिथि बढ़ जाए तो ऐसे स्थिती में नवरात्र दस दिन का होता है। इस वर्ष 2026, में नवरात्र प्रतिप्रदा से लेकर नवमी तिथि सभी क्रम बद्ध है। इसलिए आपको माता की आराधना के लिए पूरे नौ दिन प्राप्त हो रहे हैं। जानते है नौ दिनों में तिथि एवं पूजा के साथ ही माता का स्वरूप दिन - तिथि - ...
श्री गणेशाय नमः 🙏🙏 होलिका का चरित्र हमारे भारतीय पौराणिक कथाओं में विशेषकर विष्णु पुराण में उल्लेख प्राप्त होता है। बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। होलिका को अक्सर उन्हें एक नकारात्मक पात्र के रूप में देखा गया है। या यूं कहें तो माना गया है। लोक कथाओं और क्षेत्रीय मान्यताओं में उनके जीवन के कुछ ऐसे भी पहलू है जो प्रेम और विवशता को दर्शाता है। होलिका का संक्षिप्त जीवन परिचय के बारे में हम जानेंगे हम चलते है , उनके जीवन परिचय की ओर जानने की कोशिश करते है। उनके जीवन काल की कुछ महत्पूर्ण जानकारी को आप सभी को यह पता है। ही की वें राक्षस कुल की थी। उनके भाई दैत्य राज हिरण्यकश्यप की बहन और भक्त प्रहलाद की बुआ थी। ये प्रायः सभी को पता है, होलिका महान ऋषि कश्यप की और दति की पुत्री थी। आपने यह भी सुना होगा की होलिका आग से कभी भी नहीं जलेगी उन्हें वरदान था। होलिका के पास एक ऐसा चादर था। की उसे ओढ़कर बैठ जायेगी आग में तो उसका कोई भी अंग जल नहीं पायेगी वह भस्म नहीं होगी आग से जल कर होलिका की प्रेम गाथा पर हम कुछ चर्चा करते है। होलिका का प...