श्री गणेशाय नमः 🙏🙏 होलिका का चरित्र हमारे भारतीय पौराणिक कथाओं में विशेषकर विष्णु पुराण में उल्लेख प्राप्त होता है। बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। होलिका को अक्सर उन्हें एक नकारात्मक पात्र के रूप में देखा गया है। या यूं कहें तो माना गया है। लोक कथाओं और क्षेत्रीय मान्यताओं में उनके जीवन के कुछ ऐसे भी पहलू है जो प्रेम और विवशता को दर्शाता है। होलिका का संक्षिप्त जीवन परिचय के बारे में हम जानेंगे हम चलते है , उनके जीवन परिचय की ओर जानने की कोशिश करते है। उनके जीवन काल की कुछ महत्पूर्ण जानकारी को आप सभी को यह पता है। ही की वें राक्षस कुल की थी। उनके भाई दैत्य राज हिरण्यकश्यप की बहन और भक्त प्रहलाद की बुआ थी। ये प्रायः सभी को पता है, होलिका महान ऋषि कश्यप की और दति की पुत्री थी। आपने यह भी सुना होगा की होलिका आग से कभी भी नहीं जलेगी उन्हें वरदान था। होलिका के पास एक ऐसा चादर था। की उसे ओढ़कर बैठ जायेगी आग में तो उसका कोई भी अंग जल नहीं पायेगी वह भस्म नहीं होगी आग से जल कर होलिका की प्रेम गाथा पर हम कुछ चर्चा करते है। होलिका का प...
श्री गणेशाय नमः उपनयन समाग्री चुनमाटी की तैयारी सर्वप्रथम गौरी गणेश , कलश दीया , बाती , आम पत्ता , जल , चंदन , फूल , दूबी , चांवल , आटा या पीसा हुआ चांवल का रेहन चौक डालने के लिए , अगबत्ती , माचिस , दीपक , नैवेध ये सब समाग्री सभी पूजा में लगेगा इसलिए बड़े परात में रख लेवें चुलमाटी के समय ले जाने वाली समाग्री साबल , साबल में बांधने के लिए पीली चावल , हल्दी खड़ा + सिक्का एक रुपया पीला या लाल वस्त्र साबल में बाधने के लिए (रिबन जैसा लम्बा कटा हुआ लाल या पीला कपड़ा चौक के लिए आटा , चंदन , रोरी कुमकुम गुलाल , दूबी फूल , अक्षत , घूप देने के लिए कंडा , गुड . घी , नैवेध कुछ सिक्के चढ़ाने के लिए यदि मंदिर हो तो वहां पर चढ़ाने के लिए नारियल + प्रसाद जहा पर जमीन खोदा जायेग वहा पर पूजा करने के लिए नारियल + जनेऊ पूजा की तैयारी बुआ , फूफा , या जीजा + जीजी जो सुहासन बनेगी उसके लिए दोनों को वस्त्र , एवं आंचल में देने के लिए चांवल पीला + हल्दी खड़ी सुपाड़ी चुड़ी सिन्दूर कुछ रुपए या सिक्का देने के लिए दस बांस की टोकनी मिट्टी लेने के लिए नवाइन उनको भी साड़ी द...