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संदेश

मधुश्रावणी व्रत २०२३ - सागरिका महिला मंच

श्री महालक्ष्मी व्रत कथा🪷🪷 एक समय महर्षि द्पायन व्यास जी हस्तिनापुर आए उनका आगमन सुनकर राजरानी गांधारी सहित माता कुंती ने उनका स्वागत किया अर्द्ध पाद्य आगमन से सेवा कर व्यास जी के स्वस्थ चित् होने पर राजरानी गांधारी ने माता कुंती सहित हाथ जोड़कर व्यास जी से कहा, है महात्मा हमें कोई ऐसा उत्तम व्रत अथवा पूजन बताइए जिससे हमारी राजलक्ष्मी सदा स्थिर होकर सुख प्रदान करें, गांधारी जी की बात सुनकर व्यास जी ने कहा, हे देवी मैं आपको एक ऐसा उत्तम व्रत बतलाता हूं जिससे आपकी राजलक्ष्मी पुत्र पौत्र आदि सुख संपन्न रहेंगे। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को स्नान आदि से निवृत हो शुद्ध वस्त्र धारण कर महालक्ष्मी जी को ताजी दूर्वा से जल का तर्पण देकर प्रणाम करें, प्रतिदिन 16 दुर्वा की गांठ, और श्वेत पुष्प चढ़कर पूजन करें, १६धागों का एक गंडां बनाकर रखें पूजन के पश्चात प्रतिदिन एक गांठ लगानी चाहिए, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को माटी के हाथी पर लक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित कर विधिवत पूजन करें ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देकर संतुष्ट करें इस प्रकार पूजन करने से आपकी राजलक्ष्मी पुत्र पौत्र...

सागरिका की काव्यसागरिका -

सागरिका सखियों को आज के आयोजन की बहुत बहुत बधाई......  सागरिका मैथिल ब्राम्हण महिला सभा की कवयित्रियों ने बड़ी ही मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पटल को गौरान्वित किया काव्यसागरिका परिवार सभी की सभी सखियां उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भविष्य में ऐसे ही अन्य आयोजनों की मंगलकामना के साथ आप सभी को आभार प्रेषित करते हैं..... *काव्यसागरिका के पावन पटल पर काव्यपाठ करने वाली सखियों की सूची* *विषय - "रिमझिम", सावन,बरसात 1 - श्रीमती कुमकुम झा जी 2 - श्रीमती अमिता मिश्र जी 3 - श्रीमती शुभ्रा ठाकुर जी 4 - श्रीमती पल्लवी झा जी 5 - श्रीमती अल्पना झा जी 6 - श्रीमती आशा ठाकुर जी 7 - श्रीमती मृणालिनी झा जी 8 - श्रीमती दिव्या झा जी 9 - श्रीमती वन्दना झा जी 10 - श्रीमती अनुसुइया झा जी 11 - श्रीमती ऋषिका झा जी 12 - श्रीमती सिंधु झा जी 13 - श्रीमती निशि मिश्र जी 14 श्रीमती रुचि झा जी 15 - श्रीमती अर्चना उमेश झा जी *कार्यक्रम की संचालिका  - श्रीमती अनिता झा जी आयोजिका - श्रीमती नीता झा  प्रस्तुति - काव्यसागरिका परिवार

सागरिका की वासन्तिक काव्य गोष्ठी - सागरिका परिवार

*सागरिका की वासन्तिक काव्य गोष्ठी*   बसन्तपंचमी की पूर्व संध्या दिनांक -४ -२-२०२२ को सागरिका साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जायेगा । हमारे सभी वरिष्ठ  आत्मियजनो का आशीर्वाद सहयोग ही सागरिका मंच का स्वाभिमान है  आप सभी रचनाकार स्वेकक्षिक रूप से जुड़ना चाहते है तो अपनी पास पोर्ट साइज़ फ़ोटो अपना फ़ोन नम्बर जल्द से जल्द भेजे आज कोलार्ज रूप रेखा तैयार फ़ोटो क्रमांक के अनुसार तैयार की जायेगी ! संचालिका"माँ सरस्वती" सागरिका साहित्यिक विधा श्रीमती अनिता शरद झा   शाम पांच बजे से सात बजे तक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में सागरिका परिवार की सभी सदस्यों का तहे दिल से स्वागत है। यह कार्यक्रम वाट्सएप पर रखा गया है। सभी उम्र की माताओं, बहनो, बालिकाओं से निवेदन है। आप सभी क्रमांनुसार  अपनी अपनी रचनायें रिकॉर्ड करके तैयार रखें जब आपका क्रम आवे और आपको पटल पर आमंत्रित किया जाए अपने नाम के साथ फोटो,  ऑडोयो    तथा टाइप की हुई वही रचना इन सभी को एकसाथ पोस्ट करें।  -अनिता शरद झा समस्त रचनाकार परिवार प्रतिभागी सहमति निवेदित है  नाम क्रमांक...

अपनो की प्रतिभा का सम्मान करें -

सालगिराह के उपलक्ष्य में मेरी बेटी अंकिता झा ने अपनी दीदी विभावरी झा से केक बनवाया विभावरी रायपुर में ही रहती है और उसने हमारे लिए बहुत प्यार से और स्वादिष्ट केक बनाया...    इसके लिए अंकिता और विभावरी तुम दोनों को बहुत बहुत धन्यवाद साथ ही मुझे बहुत खुशी हुई तुम दोनों ने सागरिका की शुरुआत को लेकर मेरी मूल भावना को समझा...     अंकिता ने कहीं और ऑर्डर न देकर मेरी भांजी विभावरी झा से केक बनवाया जिसे बड़े अपनत्व से विभावरी ने बनाया  मेरे प्यारे बच्चोँ हमेशा खुश रहो    आप सभी से भी मेरा निवेदन है अपने अपनो को प्रोत्साहन दें   जब हम किसी अपने के लिए बनाते हैं तो व्यापार के साथ अपनत्व की भावना भी मिली होती है। नीता झा

हमारी गौरवशाली मैथिल ब्राम्हण बालिकाएं एवं महिलाएं - सागरीका महिला मंच

    एक दस्तावेज भविष्य के नाम   - आप सभी को सादर अभिवादन करते हुए अपने मन मे उठे विचार व्यक्त करना चाहती हूं। आशा है आपलोगों की प्रतिक्रिया मिलेगी।      सत्तर, अस्सी के दशक में अभी की तरह सशक्त संचार माध्यमों का अभाव सा था।    कभी कभी आवश्यकता बड़े सुदृढ नियम बना लेती है। हमे पता भी नहीं चलता ऐसी ही एक परंपरा सी थी। इलाहाबाद जाना मतलब काली मछली का झंडा गोपाल पंडा जी के पास जरूरजाते थे और  सभी नए बच्चों के नाम वंशवृक्ष में अंकित करवाते थे यह बड़ा महत्वपूर्ण काम होता था। जो आज भी बदस्तूर चला आ रहा है। हमे हमारी जड़ों से जोड़ती व्यवस्था है ये।         मैने अपने किशोरावस्था में पहली बार उस वक्त इस विषय पर ध्यान दिया जब हमारे रिश्ते में कहीं शोक हुआ था। हमेशा की तरह तब भी कुछ बच्चों के नाम गए थे। हमारे घर से भी भतीजे का नाम लिखवाया गया था। वह उम्र में मुझसे बहुत छोटा नहीं है। जाहिर है हम बुआ भतीजे से ज्यादा भाई बहन की तरह रहते थे।     खैर वंशवृक्ष बनकर आई पिताजी के साथ सबलोग बैठ गए अपना अपना नाम देखने चार भाइयों की अकेली ...

हमारी गौरवशाली मैथिल ब्राम्हण बालिकाएं एवं महिलाएं - सागरीका महिला मंच

महिला दिवस पर हम अपनी सभी मैथिल ब्राम्हण महिलाओं और बालिकाओं की उपलब्धियों से सबको अवगत कराते हैं। इसकी शुरुवात करते हैं *सागरिका की पवित्र सरिता माँ सरस्वती साहित्यिक विधा की सदस्या श्रीमती निशि मिश्र जी से इस विधा की संचालिका हैं श्रीमति अनिता झा-सागरिका की पवित्र नदी माँ रेणुका स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा शहीदों की कथाएं समस्त जानकारी की संयोजिता श्रीमति ज्योति झा मैं निशि मिश्रा मंडला म.प्र. से हूं।  प्राइवेट संस्था में शिक्षिका हूं। मैंने हिंदी एवम् राजनीति शास्त्र में एम ए, बी एड किया है। साहित्य में रुचि है।अतः विभिन्न संस्थाओं से जुड़ी हूं। यदा कदा उनके द्वारा सम्मान भी किया गया।अच्छा लगता है जब ग्यारहवीं, बारहवीं के विद्यार्थी मेरी बातें, विषय को बड़े ध्यान से सुनते हैं।उन्हें संतुष्ट करने में क्षमता ही बडी उपलब्धि है। २वर्ष पूर्व मुझे बेस्ट टीचर का अवार्ड मिला।जो बहुत बड़ी उपलब्धि है।🙏🏻🙂 सागरिका की पवित्र नदी माँ रेणु...